beawar rajasthan india

 

  WWW.BEAWAR.COM

Can't see Hindi alphabets? Download Font  


समर्पण

 श्री लक्ष्मीनारायण जी सोनी


 ब्यावर का नक्शा 
         (map of Beawar city) 

  ईमेल: mail@beawar.com



 

Home


News


History


Inner City


Outer City


Education


Business


Hotels


Internet


Around

 

 

 

  इतिहास

ब्यावर शहर सन् 1836 में कर्नल एल्फ्रेड डिक्सन द्वारा बसाया गया था । कर्नल डिक्सन मेरवाड़ा बटालियन के मुखिया थे । आज के चंपानगर के आसपास उन्होनें अपनी छावनी बसाई थी । वे स्वयं अजमेरी गेट के अंदर बसे बंसी भवन में रहते थे । शहर के परकोटे पर चार द्वार बनाए गए, अजमेरी गेट, सूरजपोल, मेवाड़ी गेट व चांद गेट ।
शहर के अंदर की गलियाँ व रास्ते समानांतर बने हुए हैं जो आपस में चौपड़ बनाते हैं । शहर की मुख्य सड़कें सिमेंट की बनी हुई हैं जो आज भी बहुत अच्छी स्थिती में हैं ।

   इस शहर का नाम, यहाँ से लगभग 7 किलोमीटर दूर के एक गांव ब्यावर के नाम से पड़ा था, जिसे अब ब्यावर खास के नाम से बुलाया जाता है। नामकरण के समय इस शहर को नया नगर, कस्बा ब्यावर, छावणी ब्यावर और परगुणा ब्यावर के नामों से भी बुलाया जाता था  । आज भी आसपास के गावों में इस शहर नुवा सेर (नया शहर) के नाम से ही बुलाते हैं ।

 


    HISTORY of Beawar City


History of Beawar City
Beawar is situated at a strategic location in Rajasthan, India. The city was founded in 1836 as a military cantt, at an important location between Jaipur, Jodhpur and Udaipur.

It was founded by Col Charles George Dixon who was superintendent of Mairwara. He established Mairwara Battalion with locals known as Mairs. The city was named after a village nearby, called Beawar (pronounced Byavar). The village now is called Beawar Khas (original Beawar). The initial names proposed for the city included Naya Nagar, Kasba Beawar, Chhawani Beawar, Parguna Beawar etc.
It meets all the requirement for becoming a district, sooner or later it is going to happen. 

 

   

 
.


 

 

Disclaimer